भारत के गांवों शहरों में,सपनो को बुनते देखा है। बिन स्वार्थ इंसान को,देश के लिए जीते देखा है। वो न मांगे घर भरने को,उधार चुकाते देखा है। सच्ची मेहनत लगन से,दिन रात जागते देखा ...
ज्ञान प्रकाश की मूरत शिक्षक ज्ञान प्रकाश की मूरत को, शत-शत नमन हमारा। बच्चों के भावी भविष्य को, शिक्षक ही सजाता है। उचित अनुचित फर्क को, शिक्षक हमें बताता। शिष्यों...
* सँभल कर चलना सीख रहा * संभल सँभलकर चलना सीख रहा, यह कपटी जमाने में। पल में रोते हँसते कुछ नेता यहाँ,बेगानो के जनाजो में। उतदंड भीड़ आक्रोशित जन,लगता समय मनाने में। खुश रह सक...
जीवन मेरा उपकार भरा है, अपनों का भार उठाने को। मुश्कान लिए मुश्किल में होता, अपना कोई मुझे उठाने को। जिजीविषा देख मेरी उम्मीद लिए बैठा है, करता रहा समर्पण मैंने कितनों का अह...
*याद है पापा की हँसी* याद है वह दिन जब मै सोता, कठिन डगर थी जब में रोता। हाथ पकड़े जब इतरा के चलता, पिता का साया सिर पर होता। मीठी कोमल हँसी खिलखिलाती, पीठ में जब मेरी बहना चढ़ जाती। ...
*एक अटल अमर दीप* चाह नही जलना फिर भी, जलकर में डटा हुआ। राह नहीं आँधी से लड़ता, बूझकर मैं डटा हुआ। तिमिर होते आतंक के साये से, डर मुझको भी लगता है। जलता हूँ खिलखलाते , तूफान मुझ पर ह...