संदेश

*कुछ लोग है ऐसे* लेबल वाली पोस्ट दिखाई जा रही हैं

सँभल कर चलना सीख रहा

    * सँभल कर चलना सीख रहा * संभल सँभलकर चलना सीख रहा, यह कपटी जमाने में। पल में रोते हँसते कुछ नेता यहाँ,बेगानो के जनाजो में। उतदंड भीड़ आक्रोशित जन,लगता समय मनाने में। खुश रह सक...