तुम वो एहसास हो

दिल में बसी तेरी सूरत,
ख्वाबों के तुम हमराज हो,
मद्धम-मद्धम बहती हवा सी,
दिलबर तुम वो एहसास हो।

कुछ अनकही सी बातें,
दिल पर सजी लिबास हो,
मेरे रूह को छूने वाली हवा सी,
संगदिल तुम वो एहसास हो।

सज़दे किये ख़ुदा के दर पर,
मेरे प्यार का इजहार हो,
सुर्ख़ ओठों में लगी लाली सी,
सजना तुम वो एहसास हो।।
✍️लिकेश ठाकुर

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