गैरों की महफ़िल में लिंक पाएं Facebook X Pinterest ईमेल दूसरे ऐप फ़रवरी 26, 2021 गैरों की महफ़िल में भी नहीं है किसी का साथ,बैगानी सी अब लगने लगी मुझको हर शाम,उनकी आँखों ने ही हर पल की मुझसे रुसवाई,अच्छा ही हुआ जल्द हिज्र की रात तो आई।©लिकेश ठाकुरहिज्र:-वियोग,विरह etc लिंक पाएं Facebook X Pinterest ईमेल दूसरे ऐप टिप्पणियाँ
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