जिसने देखी कही ना

जिसने देखी कही ना ऐसी सीरत
मन में बसी तुम्हारी मूरत,
कितना भी लिख दे तुम पर ,
नारी हो तुम दुनिया से खूबसूरत।
प्रकृति की अमूल्य कृति हो,
तुम हो प्यार की मूरत
जज्बातों से रिश्ता निभाये,
प्यार उसका समझ ना आये।
फिर भी उसके कदमों से,
ज़िंदगी रोशन हो जाये।

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